Saturday, September 3, 2011

डॉ. श्याम सखा 'श्याम' बने हरियाणा साहित्य अकादमी के नये निदेशक



प्रख्यात साहित्यकार डॉ. श्याम सखा 'श्याम' को हरियाणा साहित्य अकादमी की कमान सौंपी गई है। डॉ. श्याम ने बृहस्पतिवार, 1 सितम्बर 2011 को अकादमी के निदेशक के रूप में अपना कार्यभार संभाल लिया है। अकादमी के पंडित लख्मीचंद सम्मान से सम्मानित डॉ. श्याम सखा 'श्याम' अब तक विभिन्न भाषाओं में 18 पुस्तकों की रचना कर चुके हैं।

डॉ. श्याम को हिंदी एवं हरियाणवी की तीन पुस्तकों पर अकादमी पुरस्कार प्राप्त हो चुका है। हिंदी कहानी प्रतियोगिता के अंतर्गत अकादमी द्वारा उनकी चार कहानियां पुरस्कृत हो चुकी है। बहुमुखी प्रतिभा के धनी डॉ. 'श्याम' जाने-माने चिकित्सक भी हैं। ऑल इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की हरियाणा इकाई के दो वर्ष तक प्रधान रह चुके हैं और एसोसिएशन के आजीवन मानद संरक्षक भी हैं। चार भाषाओं में सृजनरत डॉ. श्याम सखा 'श्याम' ने साहित्यक पत्रिका 'मसिकागद' का 11 वर्ष तक संपादन किया है। डॉ श्याम की चर्चित कृतियों में अकथ, समझणिये की मर तथा कोई फायदा नहीं, महात्मा, एक टुकड़ा, दर्द, घनी गई थोड़ी रही, नाविक के तीर सम्मिलित हैं। पंजाबी भाषा में भी डॉ. श्याम की 'अश्लील' व 'अखीरला बयान' रचनाएं चर्चित रही है। हाल ही में श्याम ने एक अंग्रेजी उपन्यास को पूरा किया है जो प्रकाशाधीन है।

साहित्य तथा चिकित्सा दोनों क्षेत्रों में डॉ. श्याम सखा 'श्याम' अनेक ख्याति प्राप्त संस्थाओं द्वारा सम्मानित किए जा चुके हैं। हरियाणवी भाषा की उनकी रचनाएं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में सम्मिलित हैं। इनकी अनेक कहानियों का तमिल, तेलगू, बंगला व उड़िया में अनुवाद हो चुका है। उन्हें हिंदी विद्या रत्न भारती सम्मान आइएमए हरियाणा का स्टेट एक्सीलेंस अवार्ड 2008, हिंदी विद्यारत्न भारती सम्मान (छत्तीसगढ़) 2003, हिंदी रत्न सम्मान (मानव भारती शिक्षा समिति सांपला) 2002, साहित्य सेवी सम्मान (अ.भा. साहित्य सम्मेलन गाजियाबाद) 2003 से सम्मान मिल चुका है।

डॉ. श्याम सखा विगत 3 वर्षों से इंटरनेट पर भी साहित्य-सेवा कर रहे हैं और अपने निजी ब्लॉगों के अतिरिक्त तमाम साहित्यिक ई-पत्रिकाओं को अपना सृजनात्मक सहयोग दे रहे हैं। हिन्द-युग्म पर लम्बे समय से सक्रिय हैं और इसे हर प्रकार से मदद करते रहे हैं।

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15 पाठकों का कहना है :

तेजेन्द्र शर्मा का कहना है कि -

भाई श्याम सखा श्याम जी

हरियाणा साहित्य अकादमी के निदेशक के पद पर नियुक्ति के लिये ढेर सी बधाइयां।

समाचार पढ़ कर आनंद की अनुभूति हुई। पूरा विश्वास है कि आपके नेतृत्व में अकादमी की उपलब्धियां महत्वपूर्ण होंगी।

शुभकामनाओं सहित

तेजेन्द्र शर्मा
महासचिव – कथा यू.के. (लंदन)
00-44-7400313343

प्रमोद कुमार तिवारी का कहना है कि -

प्रिय भाई श्याम सखा जी

हरियाणा साहित्य अकादमी के निदेशक के महत्‍वपूर्ण पद पर नियुक्ति के लिये हार्दिक बधाई। आपकी सफलता हमें अपनी सफलता जैसी लगी। हमें यकीन है कि आपके नेतृत्व में अकादमी अनेक उपलब्धियां अर्जित करेगी और हास्‍य-व्‍यंग्‍य केंद्रित कार्यक्रमों के साथ-साथ गंभीर साहित्‍य के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाएगी।
शुभकामनाओं सहित
डॉ. प्रमोद कुमार तिवारी

प्रमोद कुमार तिवारी का कहना है कि -

प्रिय भाई श्याम सखा जी

हिंद युग्‍म के माध्‍यम से आपकी ताजातरीन उपलब्धि का पता चला। हरियाणा साहित्य अकादमी के निदेशक के महत्‍वपूर्ण पद पर नियुक्ति के लिये हार्दिक बधाई। आपकी सफलता हमें अपनी सफलता जैसी लगी। हमें यकीन है कि आपके नेतृत्व में अकादमी अनेक उपलब्धियां अर्जित करेगी और हास्‍य-व्‍यंग्‍य केंद्रित कार्यक्रमों के साथ-साथ गंभीर साहित्‍य के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाएगी। यकीन है कि आप संचार के नये माध्‍यमों का भी सकारात्‍मक उपयोग करते हुए साहित्‍य को आमजन से जोड़ने में सफल होंगे।
शुभकामनाओं सहित
डॉ. प्रमोद कुमार तिवारी

Prem Chand Sahajwala का कहना है कि -

डॉ श्याम सखा श्याम जी को मेरी ओर से हार्दिक बधाई.

दिपाली "आब" का कहना है कि -

बहुत बहुत बधाई श्याम जी.. लेकिन बिना पार्टी के अबकी आपको छोड़ेंगे नहीं..

नमिता राकेश का कहना है कि -

i am very glad that Sh shyam sakha shaam is now new director of Haryana sahitye acedemy. Since i live in haryana and also a member of Harigandha , i hope a new horizon for the acedemy. mumarakbad !

शैलेश भारतवासी का कहना है कि -

यह बहुत खुशी की बात है। मुझे लगता है कि श्याम जी के हरियाणा साहित्य अकादमी में आने से साहित्य के क्षेत्र में भी नवाचार के होने की सम्भावना है।

मैं उम्मीद करता हूँ कि श्याम भी नई प्रतिभाओं को खोज निकालने की भी कोई-न-कोई मुहिम ज़रूर छेड़ेंगे।

बहुत-बहुत बधाई

Anonymous का कहना है कि -

श्याम सखा जी को हरियाणा साहित्य अकादमी के निदेशक पद पर नियुक्ति के लिए बहुत-बहुत बधाईयां और शुभकामनाएं।

जितेन्द्र ‘जौहर’ Jitendra Jauhar का कहना है कि -

भाई श्याम सखा जी को हार्दिक बधाई...और शैलेश भाई आपको इस समाचार का लिंक भेजने के लिए धन्यवाद!

gazalkbahane का कहना है कि -

प्रिय मित्रों
मैं आप सब का स्नेह एक बार फिर पाकर आभारी हूँ , यह सम्मान आप सरीखे मित्रों की दुआओं का असर है .
पुनः आभार
आपका सदा सा
पुनश्च
आप सभी मौलिक अप्रकाशित स्तरीय रचनाएँ हरिगंधा - अकादमी की मासिक पत्रिका हेतु सादर आमंत्रित हैं .
संपादक हरिगंधा - अकादमी भवन प्लाट न० 16 सक्टर 14 पंचकूला हरियाणा
श्याम

ramadwivedi का कहना है कि -

डा. रमा द्विवेदी

श्याम सखा जी को हरियाणा साहित्य अकादमी के निदेशक पद का पदभार संभालने के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं ....

Rachana का कहना है कि -

der se dekha ye sukhad samachar shyam sakha syam ji aapko bahut bahut badhai bhagvan kare aap sada ayese hi unnati karte rahe.
saader
rachana

Smart Indian का कहना है कि -

बड़ी प्रसन्नता की बात है। डॉ श्याम सखा श्याम जी को हार्दिक बधाई और शुभकामनायें!

Arun Mittal "Adbhut" का कहना है कि -

श्याम सखा जी,

बहुत बहुत बधाई आपको .... सचमुच अच्छा लग रहा है की गजलकार हरियाणा साहित्य अकादमी का निदेशक बना है .. मतलब हरियाणा में साहित्य का भविष्य सुरक्षित है ........ श्याम जी आपसे यही आग्रह है की कृपया आप युवा रचनाकारों के लिए विशेष प्रयास करें. मैं नॉएडा में रहता हूँ लेकिन आत्मा अभी भी भिवानी के कवी सम्मेलनों और मुशायरों में ही बसती है जहाँ से मुझे गजल कहने का हौसला मिला ... .. मैं अपनी रचनाएं हरिगंधा पत्रिका के लिए भेजने का प्रयास करूंगा.

मेरा एक और आग्रह और भी है की आज भी हरियाणा के बहुत से पुराने कवियों, भजनियों एक रागनियों की रचना करने वाले रचनाकारों की रचनाएं प्रकाशित नहीं हो पायी हैं, जो वास्तव में दर्शन का एक बहुत बड़ा स्रोत है... आशा है आप इस पर भी ध्यान देंगे.....

आज अचानक काफी दिनों बाद हिंद युग्म पर आया और एक अच्छी खबर मिली..... वैसे मुझे भी आज ही पी एच डी की उपाधी मिली है और हिंद युग्म से अच्छा मित्रों का मंच नहीं हो सकता जिनसे ये बात साझी की जा सके....

शुक्रिया

डॉ. अरुण मित्तल 'अद्भुत'

Kishor Srivastava का कहना है कि -

भाई सखा जी के हरियाणा साहित्य अकादमी का निदेशक बनने पर हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं। श्री सखा जी के साथ के इन 22-23 वर्षों के दौरान मैंने उनकी कला व प्रतिभा के विविध रूपों को देखा है और उनका आनन्द उठाया है। हमारे विभिन्न कार्यों व कार्यक्रमों आदि में भी उनका काफी सहयोग मिलता रहा है। एक उपयुक्त व्यक्ति के उपयुक्त पद पर बैठने की मुझे बेहद खुशी है। निश्चय ही इस पद को आपसे नई गरिमा मिलेगी। - किशोर श्रीवास्तव (सहायक निदेशक एवं संपादक-राजभाषा विस्तारिका- भारत सरकार, नई दिल्ली)

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