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Friday, September 18, 2009

हिंदी पढ़ो, आगे बढ़ो, भारत जोड़ो


औरंगाबाद । महाराष्ट्र

14 सितम्बर 2009, सोमवार की सुबह ठीक 11 बजे श्री सरस्वती भुवन प्रशाला के "सुशीलादेवी जालान" सभागृह, औरंगाबाद में महाराष्ट्र राष्ट्रभाषा सभा, पुणे-औरंगाबाद विभाग तथा श्री सरस्वती भुवन प्रशाला, औरंगाबाद के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी दिवस और पुरस्कार वितरण समारोह बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मंगेश गीत मंच की ओर से विद्यालय की छात्राओं द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। माँ सरस्वती पूजन, दीप प्रज्ज्वलन के बाद अध्यक्षा श्रीमती डॉ. विशाला शर्मा (हिंदी विभागाध्यक्ष, चेतना कला महाविद्यालय, औरंगाबाद) एवं श्री शेषराव आनंदराव जगताप केन्द्रीय सचिव,महाराष्ट्र राष्ट्रभाषा सभा, पुणे) का स्वागत श्रीराम माधवराव कुर्डुकर (प्रधानाध्यापक, श्री सरस्वती भुवन प्रशाला ) ने किया। प्रमुख अतिथि श्री अमिताभ श्रीवास्तव (सम्पादक "लोकमत समाचार, औरंगाबाद ) एवं श्रीराम माधवराव कुर्डुकर का स्वागत श्री अनिल नरहरी जोशी (विभागीय सचिव, महाराष्ट्र राष्ट्रभाषा सभा, औरंगाबाद) ने किया। अतिथियों के स्वागत के बाद श्री शेषराव आनंद राव जगताप ने संस्था का परिचय दिया। हिंदी दिवस पर संस्था द्वारा प्रस्तुत "हिंदी पढ़ो, आगे बढ़ो, भारत जोड़ो" की संकल्पना लिए हिंदी-दिवस प्रतिज्ञा पाठ डॉ. विशाला शर्मा ने किया व उपस्थित सभी ने दोहराया। विद्यालय के शिक्षक श्री अंगद आडोले के मार्गदर्शन से कक्षा नवीं के विद्यार्थियों ने हिन्दी के मूर्धन्य हस्ताक्षरों का परिचय लिखकर "भित्तिपत्रक" बनाया जिसका विमोचन श्री अमिताभ श्रीवास्तव के शुभ हस्तों से हुआ। विद्यालयीन स्तर पर राष्ट्रभाषा के विभिन्न परीक्षाओं में सर्व प्रथम आनेवाले विद्यार्थियों को प्राध्यापक चंद्रकांत न्यायाधीश प्रोत्साहन पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र दिए गए तथा हिंदी दिवस पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार एवं प्रोत्साहन पुरस्कार देकर विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। महाराष्ट्र राष्ट्रभाषा सभा, पुणे-औरंगाबाद की ओर से दो अध्यापिकाओं (श्रीमती सीमा ओमप्रकाश प्रधान, शिक्षिका विवेकानंद अकेडमी तथा श्रीमती प्रतिभा कृष्णा श्रीपत, शिक्षिका श्री महावीर स्थानकवासी, जैन विद्यालय, जालना ) को "आदर्श हिंदी अध्यापक प्रचारक-पुरस्कार" एवं "विमल नरहर जोशी प्रोत्साहन पुरस्कार" से सम्मानित किया गया तथा महाराष्ट्र शासन द्वारा घोषित, राज्यपाल श्री जमीर द्वारा "आदर्श शिक्षक पुरस्कार" से सम्मानित श्री कांतिलाल हरकचंद कुंकुलोल (प्रधानाध्यापक, श्री महावीर स्थानकवासी, जैन विद्यालय, जालना) का विशेष सत्कार किया गया। पुरस्कार वितरण पश्चात अपने हास्य कविता तथा दोहों से श्री रमेश दीक्षित एवं श्रीमती सुनीता यादव ने सभी विद्यार्थियों का दिल जीत लिया। प्रमुख अतिथि श्री अमिताभ श्रीवास्तव ने अपने भाषण में कहा कि वैश्विक परिप्रेक्ष्य में अपनी जगह बनाए रखने हेतु हमें मातृभाषा, राष्ट्रभाषा ही नहीं देश के अन्य भाषाएँ सीखनी होंगी, उन्हें आत्मसात करनी होंगी, तभी हम राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं अन्तराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं। अध्यक्षीय समारोप में श्रीमती डॉ. विशाला शर्मा ने छात्रों को लघुकथा तथा चुटकुलों के माध्यम से परिश्रम का महत्त्व बताया। अंत में विद्यालय की उप प्रधानाध्यापिका श्रीमती इंदुमती जोंधले ने आभार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के शिक्षक श्री अंगद आडोले तथा श्रीमती सुनीता यादव (विभागीय समिति सदस्या, महाराष्ट्र राष्ट्रभाषा सभा, पुणे-औरंगाबाद विभाग) ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री मंगेश दोलारे, श्री जयंत कौशिके, श्री संतोष वेरुलकर, श्री बंडोपंत क्षीरसागर का सफल योगदान रहा।

Wednesday, January 21, 2009

सुनीता प्रेम यादव भाषा भूषण पुरस्कार से सम्मानित

रविवार १८ जनवरी, २००९ को राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार परिषद, सिंधुदुर्ग, महाराष्ट्र (अखिल भारातीय हिन्दी प्रचार सभा) की ओर से कैलाशवासी यशवंत राव चौहान सभा गृह, जिला परिषद, नांदेड़ में 'राज्यस्तरीय हिन्दी प्रचार सम्मलेन -२००९" का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर एस.बी.ओ.ए. पब्लिक स्कूल, औरंगाबाद की हिन्दी शिक्षिका तथा हिन्द-युग्म के बाल-उद्यान की गतिविधि प्रमुख सुनीता प्रेम यादव को कैलाशवासी द्रोपदी नारायण तारी की स्मृति में 'राज्यस्तरीय भाषा भूषण पुरस्कार' (२००८ के लिए) से सम्मानित किया गया। अध्यक्ष श्री प्रोफेसर जोगेंद्र सिंह विसेन ( हिन्दी विभाग, नाथोत्तर दयानंद कला महाविद्यालय), उद्घाटक श्री वसंत राव बलवंत राव चौहान (पु.आमदार ), मुख्य अतिथि श्री कैलाश जाधव (अध्यक्ष केन्द्रीय प्रचार समिति ), संभाजी काम्बले (मुंबई हिन्दी विद्यापीठ,संपर्क प्रमुख ) की उपस्थिति में यह समारोह सम्पन्न हुआ। विद्यालय की ओर से मुख्याध्यापिका श्रीमती सुरेखा माने, अर्चना फडके व अन्य शुभेच्छुगण उत्तरोत्तर प्रगति की कामना करते हुए बधाई दी।

हमारी भी बधाइयाँ।