Thursday, April 16, 2009

झाँसी में हुआ अ. भा. राष्ट्रभाषा सम्मेलन का आयोजन

झाँसी। 09 अप्रैल, 2009 को दिल्ली से प्रकाशित होने वाली पत्रिका 'हम सब साथ साथ' द्वारा अ. भा. राष्ट्रभाषा सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन के दौरान राष्ट्रभाषा विचार संगोष्ठी, काव्य गोष्ठी एवं लघु पत्र-पत्रिका प्रदर्शनी व श्रीमती कुंती हरीराम की चित्र प्रदर्शनी के आयोजन के साथ ही देश भर से चयनित किए गए हिन्दी सेवियों को हिन्दी के प्रति की गई उनकी सेवाओं के आधार पर हिन्दी सेवी सम्मान से अलंकृत किया गया।
सम्मेलन का आयोजन दो सत्रों में किया गया। प्रथम सत्र का शुभारम्भ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं श्री साकेत सुमन चतुर्वेदी द्वारा ग़ज़ल रूप में रचित व किशोर श्रीवास्तव द्वारा स्वरबद्ध की गई सरस्वती वंदना से हुआ। इसके पश्चात ‘भारतीय भाषाओं के समन्वय में राष्ट्रभाषा हिन्दी की भूमिका व योगदान’ विषय पर विद्वानों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। विद्वानों में सर्वश्री सुरेश चंद्र शुक्ल (नार्वे), राम प्रकाश खेड़ा एवं विनोद बब्बर (नई दिल्ली), श्री सुभाष चंदर (गाज़ियाबाद) के नाम विशेष उल्लेखनीय हैं। प्रथम सत्र में सम्मेलन के मुख्य अतिथि पद्मश्री डा. श्याम सिंह ‘शशि’ एवं अध्यक्ष श्री जानकीशरण वर्मा ने उपर्युक्त विषय पर अपने सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए।
सम्मेलन के दूसरे सत्र का शुभारम्भ उड़ीसा से पधारी बाल नृत्यांगना कु. प्राची पल्लवी के ओडिसी नृत्य के मनमोहक प्रदर्शन से हुआ। तत्पश्चात सम्मेलन में सम्मान हेतु चयनित प्रतिभागियों ने सम्मेलन के विषय पर अपने ओजस्वी विचार एवं काव्य रचनाएं प्रस्तुत कीं।
सम्मेलन के दौरान सर्वश्री सत्यपाल निश्चिंत, डा. अनामिका रिछारिया, सुषमा भंडारी एवं राजीव नामदेव की विभिन्न कृतियों का विमोचन भी किया गया। सम्मेलन के प्रथम सत्र का संचालन जहाँ कु. ज्योति श्रीवास्तव ने किया वहीं द्वितीय सत्र का संचालन व आभार प्रदर्शन पत्रिका के कार्यकारी संपादक श्री किशोर श्रीवास्तव ने किया।
सम्मेलन के अंत में देश के दूरदराज क्षेत्रों से चयनित प्रतिभागियों सर्वश्री डा. राज गोस्वामी, हरिकृष्ण (दतिया), डा. वीरेन्द्र कुमार दुबे (जबलपुर), कुन्ती हरीराम, डा. अनामिका रिछारिया, साकेत सुमन चतुर्वेदी, सृष्टि सिन्हा (झॉंसी), सत्यपाल निश्चिंत (नौएडा), राजकुमार जैन राजन (आकोला), सुषमा भंडारी, निर्मल वालिया (दिल्ली), गोपाल आचार्य (मनासा), डा. पुनीत बिसारिया (ललितपुर), भारत विजय बगेरिया, राजीव नामदेव (टीकमगढ़), ‘ाशांक मिश्र भारती (पिथौरागढ़), नरेश सचदेवा (सोनीपत), डा. किशोर अरोरा (ग्वालियर), पी. दयाल श्रीवास्तव (छिंदवाड़ा), राजकिशोर ‘ार्मा (आगरा), अरुणा चैहान, (रायपुर), के. एल. दीवान (हरिद्वार) एवं सरकारी कार्यालयों के प्रतिनिधियों सर्वश्री डा. अंगद प्रसाद (इम्फाल, मणिपुर), प्रदीप कुमार उनियाल (रुड़की), अनीता परीडा (बालेश्वर, उड़ीसा), अशोक कुमार (दिल्ली) आदि को अतिथियों द्वारा राष्ट्रभाषा हिन्दी की उत्तम एवं सराहनीय सेवाओं के लिए झॉंसी की रानी लक्ष्मीबाई की आकर्षक प्रतिमा एवं प्रमाण पत्र देकर हिन्दी सेवी सम्मान से अलंकृत किया गया। सम्मेलन में हिन्दी की उत्कृष्ट सेवा के लिए मुंबई की हिन्दी सेवी डा. तारा सिंह को राष्ट्रीय हिन्दी सेवी सम्मान से अलंकृत किया गया।


प्रस्तुतिः श्रीमती शशि श्रीवास्तव (संपादक- हम सब साथ साथ),
916- बाबा फरीदपुरी, वेस्ट पटेल नगर, नई दिल्ली-110008
फोनः 24568464 मो. 9868709348, 9968396832

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4 पाठकों का कहना है :

संगीता पुरी का कहना है कि -

सम्‍मेलन की सफलता के लिए बधाई ... विजेताओं को भी बहुत बहुत बधाई।

अनुनाद सिंह का कहना है कि -

इस तरह के सम्मेलन बहुत जरूरी हैं। बिना हार माने भारत की जनता को झकझोरते रहना पड़ेगा। भारत की भाषा समस्या का जल्दी समाधान होना ही चाहिये।

आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल' का कहना है कि -

हिन्दी को गर बढ़ना होगा.

हर मोर्चे पर लड़ना होगा.

शैलेश भारतवासी का कहना है कि -

शशि जी,

इस तरह का प्रयास करती रहें

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