Tuesday, February 9, 2010

सजीवन मयंक की कृति पत्थर खिंची लकीर का लोकार्पण

होशंगाबाद । मध्य प्रदेश



नगर के वरिष्ठ रचनाकार सजीवन मयंक की काव्य कृति पत्थर खिंची लकीर (दोहा संग्रह) का लोकार्पण मेकलसुता दोहा पत्रिका के सम्पादक श्रीकृष्ण स्वरूप शर्मा मैथिलेन्द्र एवं डॉ. गिरिजा शंकर शर्मा के कर कमलों से शिव संकल्प साहित्य परिषद के भव्य आयोजन में किया गया। श्री कृष्ण स्वरूप शर्मा ने उक्त संग्रह को मील का पत्थर निरुपित करते हुए मयंक जी के दोहे-

लाख मिटाओ न मिटे पत्थर खिंची लकीर।
हम सबने पाई यहाँ ऐसी ही तकदीर।।

को संदर्भित किया, संग्रह में पर्यावरण जातिवाद, भाषावाद, दहेज, भ्रूण हत्या एवं सामाजिक विसंगतियों पर 520 दोहे संग्रहित हैं। इस अवसर पर प्रदेश से अनेक साहित्यकार श्रीमती प्रभा पाण्डे पुरनम (जबलपुर), आचार्य अमरनाथ दीपक (जालौन), पं. विष्णुदयाल गोस्वामी मुरैना, श्रीमती स्वराज ग्रोवर, श्री बाबूलाल खण्डेलवाल, श्री जगदीश वाजपेयी, श्री ब्रजमोहन पाण्डे, श्री प्रहलाद गायकवाड़ एवं नगर के अनेक गणमान्य नागरिक एवं साहित्य प्रेमी उपस्थित थे, इस अवसर पर गीत संगीत गोष्ठी का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का संचालन पं. गिरि मोहन गुरु ने किया।

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पाठक का कहना है :

sumita का कहना है कि -

मयंक जी को उनकी कृति के लिये बधाईयां!

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