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Wednesday, July 28, 2010

राजेश चेतन काव्य पुरस्कार 2010 श्याम वशिष्ट 'शाहिद' को

श्याम वशिष्ठ ‘शाहिद’
24 फरवरी 1970 को भिवानी (हरियाणा) में जन्मे श्याम वशिष्ठ ‘शाहिद’ कॉमर्स से स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त कर चुके हैं। वर्तमान में वे पीएच.डी.शोध में संलग्न हैं और बनवारी लाल जिन्दल सूईवाला महाविद्यालय, तोशाम में वाणिज्य विभाग में सहायक प्रवक्ता के रूप में कार्यरत हैं।
सन् 1998 में आपका ग़ज़ल संग्रह ‘मेरे हिस्से का आसमान’ के नाम से प्रकाशित हुआ जिसे पाठकों से ख़ूब सराहना मिली। सन् 2004 में आपके काव्य-कर्म का कुछ अंश ‘मुखौटे’ नामक काव्य-संग्रह में संग्रहीत हुआ। इसके अतिरिक्त आपकी ग़ज़लें, कविताएँ और लघुकथाएँ भी समय-समय पर पत्र-पत्रिकाओं के माध्यम से पाठकों तक पहुँचती हैं। इतना ही नहीं आपने ‘चेतना’ और ‘कौन हूँ मैं’ के नाम से दो रेडियो नाटक भी लिखे, जो रोहतक आकाशवाणी से प्रसारित हुए।
आपकी साहित्यिक प्रतिभा के आधार पर लॉयन्स क्लब, भिवानी ने आपको ‘साधना सम्मान’ से सम्मानित किया। नटराज कलामंच ने आपको ‘साहित्य सेवी’ की उपाधि से विभूषित किया। इसके अतिरिक्त विविध साहित्यिक-सामाजिक संस्थाओं ने रंगमंच तथा साहित्य सृजन के लिए आपको सम्मानित किया है।
रंगमंच तथा संगीत आपके भीतर के कलाकार के महत्तवपूर्ण आयाम हैं। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के युवा महोत्सवों तथा राष्ट्रीय युवा महोत्सव (1992) में आप सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के रूप में चिन्हित किए जा चुके हैं। तमाम कवि-सम्मेलनों तथा मुशायरों में आप निरंतर शिरक़त करते हैं। मेघदूत थिएटर ग्रुप (भिवानी) से आप सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। इसके अतिरिक्त दो वर्ष तक आपने दूरदर्शन पर समाचार वाचन भी किया है। सन् 1991 से आप आकाशवाणी के नाटक, साहित्य, संगीत कार्यक्रमों में अनुबंधित कलाकार हैं।
वर्ष 2010 का ‘राजेश चेतन काव्य पुरस्कार’ भिवानी के लोकप्रिय कवि श्री श्याम वशिष्ठ ‘शाहिद’ को दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि हरियाणा प्रांत के भिवानी ज़िले में जन्मे कवि राजेश चेतन जी के जन्मदिवस के अवसर पर प्रतिवर्ष ‘सांस्कृतिक मंच, भिवानी’ द्वारा प्रदान किया जाता है। प्रतिवर्ष उक्त पुरस्कार उस कवि को दिया जाता है जिसका काव्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान रहा हो। जो काव्य पाठ में समर्थ तथा समाज व राष्ट्र के लिए समर्पित हो। इस पुरस्कार में सांस्कृतिक मंच की ओर से 5100 रुपये की राशि, प्रतीक चिन्ह, अभिनन्दन पत्र व दुशाला प्रदान किया जाता है। 2006 से अब तक कुल चार रचनाकारों को यह पुरस्कार दिया जा चुका है। सबसे पहला पुरस्कार मिला- युवा गीतकार डॉ. रमाकांत शर्मा को। 2007 में यह पुरस्कार लोकप्रिय गीतकार विपिन सुनेजा को दिया गया। 2008 में हास्य कवि योगेन्द्र मौद्गिल को यह पुरस्कार प्रदान किया गया और 2009 में अरुण मित्तल अद्भुत ने पुरस्कार को सुशोभित किया। ये सभी रचनाकार हिन्दी के प्रचार-प्रसार में वाचिक परम्परा को माध्यम बनाकर निरन्तर प्रयासरत हैं। इस वर्ष आगामी 8 अगस्त को पुरस्कार भिवानी में श्री श्याम जी को अर्पित किया जाएगा।