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Tuesday, June 29, 2010

नगीना के सम्मान में बहुरंगी कार्यक्रम आयोजित



नर्मदापुरम्। सांस्कृतिक, साहित्यिक, सृजनधर्मी संयोजन नर्मदापुरम् कला जगत व्यापक रुप से साहित्य, संगीत, नाट्यकला, चित्रकला, मूर्तिकला, अभिनय, नृत्य आदि विभिन्न ललित कला क्षेत्रों में साधनारत् तथा कला प्रेमियों, कला मर्मज्ञों का समन्वित मंच है। नर्मदापुरम् कला जगत निरंतर प्रयासरत् है कि नर्मदापुरम् क्षेत्र के कला साधकों को उनकी साधना का यथोचित प्रतिसाद प्राप्त हो और उन्हें प्रतिष्ठित मंच व अवसर मिले। इसी श्रृखला में नर्मदापुरम् कला जगत द्वारा वरिष्ठ गीतकार श्री मगन लाल ‘नगीना’ के सम्मान में आयोजित उनके ही लिखे बहुरंगी गीतों पर आधारित सुरमयी संगीत सभा ’गीत नगीना के’ की भव्य प्रस्तुति नर्मदापुरम् कला जगत के कलाकारों ने दी। नर्मदापुरम् (होशंगाबाद) के कला इतिहास में संभवतः पहली बार ऐसा अवसर उपस्थित हुआ, जब किसी कवि विशेष पर केन्द्रित उच्च स्तरीय संगीत के कार्यक्रम को स्थानीय संगीतकारों, गायक-गायिकाओं तथा वादकों ने बेहतरीन ढंग से प्रस्तुत किया हो।
स्थानीय विधायक पं. गिरजा शंकर शर्मा के मुख्य आतिथ्य, पूर्व मंत्री श्री मधुकर राव हर्णे की अध्यक्षता तथा वरिष्ठ समाजसेवी श्री राकेश फौजदार के विशेष आतिथ्य में संपन्न इस गरिमामयी कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा श्री मगन लाल ‘नगीना’ का शॉल व श्रीफल से सम्मान कर दीर्घायु होने की शुभकामनायें दी। कला के विविध आयामों के प्रचार-प्रसार व उन्नयन हेतु एवं कलाकारों के हितार्थ सक्रिय रुप से कार्यरत् नर्मदापुरम् कला जगत द्वारा स्थापित कलाकार कल्याण कोष के माध्यम से श्री ‘नगीना’ को साहित्य में उनके विशिष्ठ योगदान हेतु सम्मान स्वरूप ग्यारह हजार रुपये की राशि भेंट की गई। इस पुनीत कार्य में नगर के प्रबुद्ध कलाप्रेमी नागरिकों का सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ।



सरस्वती आराधना, दीप प्रज्जवलन एवं अतिथि सत्कार के पश्चात् श्री ‘नगीना’ द्वारा रचित गणेश वंदना ‘हे गजानन जगत तेरी पूजा करे‘ से आरंभ विविधता से परिपूर्ण कार्यक्रम में ‘प्रभु तुम कैसे खेल रचाये’, ‘गीत गाने का मौसम’, ‘प्यार मीठी चुभन जिंदगी के लिये’, ‘कदम उठे जहॉ जहॉ’, ‘तेज़ हवा है’, ‘मुझको भूली सी कोई याद’, ‘जिधर भी देखा नज़र उठा के’, ‘तुम गंध बनो मधुबन की’, ‘हर छंद सलौने हैं’, ‘भुला सको तो भुला दो’ आदि सुमधुर भजन, गीतों, ग़ज़लों, सूफीयाना कलाम के मनमोहक प्रवाह में अंतिम प्रस्तुति देशभक्ति से ओत-प्रोत गीत ‘सब मिल बोलो प्यार से वन्दे मातरम्‘ दी गई। संगीतकार श्रीमती जयश्री तरडे, श्री अयूब खॉन, सुश्री जया ‘नर्गिस’, श्री राम परसाई, श्री राकेश दुबे, श्री नमन तिवारी, श्री प्रियम पटैरिया सहित कार्यक्रम में सम्मिलित सभी सहयोगी कलाकारों को पं. महेश तिवारी, श्री राधेश्याम रावल, श्री तेजेश्वर प्रसाद मिश्र ने स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। प्रतिवेदन श्री संतोष व्यास द्वारा प्रस्तुत किया गया। प्रो. रागिनी दुबे के सशक्त मंच संचालन एवं श्री रामकृष्ण दीक्षित व श्री रत्नेश साहू के सुव्यवस्थित कार्य प्रबंधन ने कार्यक्रम को अविस्मरणीय बना दिया। अंत में आभार श्री नित्य गोपाल कटारे ने व्यक्त किया। आयोजन को सफल बनाने में श्री ओम प्रकाश शर्मा, श्री जगदीश वाजपेई, श्री सजीवन ‘मयंक’, श्री मोहन वर्मा ’साहिल’, श्री सुभाष यादव का अथक सहयोग प्राप्त हुआ। बड़ी संख्या में प्रबुद्ध श्रोताओं की उपस्थिति में देर रात तक चले इस कार्यक्रम की सर्वत्र सराहना की जा रही है।