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Monday, September 27, 2010

नवभारत टाइम्स, मुम्बई के संपादक शचीन्द्र त्रिपाठी को पत्रकारिता सम्मान


[बाएं से दाएं] धनपत जैन, डॉ.राजेंद्र सिंह, अभय नारायण त्रिपाठी(IFS), वरिष्ठ पत्रकार नंदकिशोर नौटियाल, मुम्बई प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कृपाशंकर सिंह, नवनीत के सम्पादक विश्वनाथ सचदेव, नवभारत टाइम्स के सम्पादक शचींद्र त्रिपाठी, पूर्व निर्वाचन आयुक्त नंदलाल जी, संस्थाध्यक्ष चित्रसेन सिंह, मुम्बई के सूचना आयुक्त रामानंद त्रिपाठी, समारोह संचालक कवि देवमणि पाण्डेय।

शचींद्र त्रिपाठी भाषा, भाव और विचार से समृद्ध उच्चकोटि के पत्रकार है। मूल्यों के प्रति समर्पित शचींद्र त्रिपाठी के पास अपना नज़रिया और अपना दृष्टिकोण है। तीस साल पहले टाइम्स ऑफ इंडिया मुम्बई के लोकप्रिय हिंदी दैनिक नवभारत टाइम्स में उपसम्पादक के रूप में शुरू हुई उनकी यात्रा आज स्थानीय सम्पादक के रूप में शिखर पर पहुँच चुकी है। मुम्बई महानगर की प्रतिष्ठित संस्था तरुण कला संगम की ओर से 24 सितम्बर को प्रमुख लेखकों-पत्रकारों की उपस्थिति में आयोजित एक समारोह में शचींद्र त्रिपाठी को पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वरिष्ठ पत्रकार नंदकिशोर नौटियाल,नवनीत के सम्पादक विश्वनाथ सचदेव, मुम्बई प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कृपाशंकर सिंह और संस्थाध्यक्ष चित्रसेन सिंह ने सम्मान स्वरूप उन्हें शाल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह और 21 हज़ार की धनराशि भेंट की।

शचींद्र त्रिपाठी का परिचय कराते हुए कवि-गीतकार देवमणि पाण्डेय ने कहा कि श्री त्रिपाठी एक विनम्र, मृदुभाषी और प्यारे आदमी होने के साथ-साथ एक श्रेष्ठ पत्रकार और सुयोग्य सम्पादक हैं। पाण्डेय जी ने बताया कि पत्रकारिता शचींद्र त्रिपाठी को विरासत में मिली है। उनके पिता स्व.योगेंद्रपति त्रिपाठी ने सिर्फ़ 31 साल की उम्र में ‘स्वतंत्र भारत’ लखनऊ के प्रधान सम्पादक की ज़िम्मेदारी सँभाल कर एक रिकार्ड कायम किया था। सन् 1971 में उनके स्वर्गवास के बाद प्रबंधकों के अनुरोध पर ‘स्वतंत्र भारत’ लखनऊ से ही शचींद्र त्रिपाठी ने पत्रकारिता की गौरवशाली शु्रुआत की। शचींद्र त्रिपाठी ने पत्रकारिता में अपने पिता से प्राप्त संस्कारों की रक्षा की। गोरखपुर में 01 जनवरी 1952 को जन्मे शचींद्र त्रिपाठी आज भी अपनी मिट्टी-पानी-हवा से ऐसे जुड़े हुए हैं कि उन्हें मुम्बई महानगर में अवधी और भोजपुरी बोलने में ज़रा भी संकोच नहीं होता। एक शेर के माध्यम से पाण्डेय जी उनके व्यक्तित्व को रेखांकित किया- जब देखो हँसते रहते हो / इतना ख़ुश कैसे रहते हो।

समारोह के अध्यक्ष विश्वनाथ सचदेव ने कहा कि पत्रकारिता में ग्लैमर के मोह और उसकी चकाचौंध से उत्पन्न ख़तरों के प्रति हमें सचेत रहना होगा ताकि पत्रकारिता में लोगों का विश्वास और भरोसा बना रहे। प्रमुख अतिथि कृपाशंकर सिंह ने कहा कि शचींद्र त्रिपाठी ने कल्याणकारी मूल्यों को स्थापित करने के चुनौतीपूर्ण दायित्व को बख़ूबी निभाया। म.रा.हिंदी साहित्य अकादमी के कार्याध्यक्ष नंदकिशोर नौटियाल के अनुसार शचींद्र त्रिपाठी ने पत्रकारिता के ज़रिए भारतीय मूल्यों, परम्परा और राष्ट्रीय चेतना को प्रखरता से अभिव्यक्त किया है। समारोह में डॉ.राजेंद्र सिंह, महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग के सचिव अभय नारायण त्रिपाठी, मुम्बई के सूचना आयुक्त रामानंद त्रिपाठी,पूर्व निर्वाचन आयुक्त नंदलाल जी बतौर अतिथि उपस्थित थे। अनुराग त्रिपाठी (वरिष्ठ पत्रकार नभाटा), राघवेंद्र द्विवेदी (सम्पादक:हमारा महानगर) और बृजमोहन पाण्डेय (सम्पादक: नवभारत) ने पत्रकारिता में शचींद्र त्रिपाठी के योगदान पर प्रकाश डाला। वरिष्ठ पत्रकार लालजी मिश्र पत्रकार सुमंत मिश्र और कवि हरि मृदल भी मौजूद थे। कवि रासबिहारी पाण्डेय ने काव्यांजलि प्रस्तुत की और पत्रकार रमेश निर्मल ने आभार व्यक्त किया।

प्रस्तुति- चित्रसेन सिंह
फोन : 98211-57054
अध्यक्ष : तरुण कला संगम, मुम्बई

Friday, July 10, 2009

महाराष्ट्र हिंदी अकादमी की वेबसाइट पर गूँजे कुसुमाग्रज के गीत



नागपुर, 10 जुलाई।
मराठी भाषा के दिग्गज कवि कुसुमाग्रज के लोकप्रिय गीत ' वेडात मराठे वीर दौडले सात' के हिंदी गीतानुवाद की गूंज आज महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी की वेबसाइट पर सुनाई पड़ी। वेबसाइट का लोकार्पण आज अकादमी द्वारा आयोजित द्वितीय सर्व भारतीय भाषा सम्मेलन के उद्‍घाटन सत्र में मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष कृपाशंकर सिंह के हाथों हुआ। इस वेबसाइट पर सुरेश भट, कुसुमाग्रज जैसे मराठी के प्रसिद्ध कवियों के लोकप्रिय मराठी गीतों के हिन्दी अनुवाद की संगीतबद्ध प्रविष्टियाँ डाली गई हैं। मराठी गीतों का हिन्दी अनुवाद जहाँ हिन्द-युग्म के कवि तुषार जोशी ने किया है, वहीं उन गीतों में हिन्द-युग्म के ही प्रसिद्ध गायक सुबोध साठे ने अपनी आवाज़ दी है। अकादमी आने वाले दिनों में इस वेबसाइट पर मराठी के सभी प्रसिद्ध कवियों की कविताओं के हिन्दी अनुवाद को सस्वर प्रस्तुत करना चाहती है। जहाँ इस वेबसाइट का डिजाइन नागपुर की कम्पनी वेब-एन-मीडिया टेक्नोलॉजी लिमिटेड ने किया वहीं इसे विकसित करने और इसके प्रबंधन की जिम्मेदारी शैलेश भारतवासी को सौंपी गई है।


वेबसाइट के लोकार्पण के बाद अपना वक्त देते कृपाशंकर सिंह

सर्व भारतीय भाषा सम्मेलन के तीन दिवसीय आयोजन की शुरुआत आज नागपुर के इंडियन मेडिकल एसोसिएशन हॉल में हुई। रविवार शाम तक चलनेवाले इस सम्मेलन में लगभग सभी भारतीय भाषाओं के विद्वान कुल 10 सत्रों के दौरान हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषाओं की स्थिति, उनकी विकास प्रक्रिया एवं उनके अंतस्संबंधों पर चर्चा करेंगे । शनिवार से सम्मेलन के चर्चा सत्रों का आयोजन सीताबर्डी के महाराजबाग रोड स्थित म्योर मेमोरियल हॉस्पिटल के डाइ आर्च हॉल में किया गया है । आज उद्‍घाटन सत्र में वेबसाइट की जानकारी देते हुए अकादमी के कार्याध्यक्ष डॉ. नंदकिशोर नौटियाल ने कहा कि महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी की वेबसाइट से हिंदी को अन्य भारतीय भाषाओं के साथ-साथ विश्व समुदाय से भी जोडऩे का द्वार खुलेगा। नौटियाल के अनुसार इस वेबसाइट को http://www.maharashtrahindi.org पर देखा जा सकता है ।


कृपाशंकर सिंह

गौरतलब है कि अकादमी भाषाई एकता के माध्यम से राष्ट्रीय एकता को मूर्त रूप देने के लिए सर्व भारतीय भाषा सम्मेलन का आयोजन पिछले वर्ष से करती आ रही है । सम्मेलन के चर्चा सत्रों में एक महत्त्वपूर्ण सत्र शनिवार की शाम चार बजे अनुवाद एवं तकनीकी क्रांति को लेकर आयोजित किया गया है । इस सत्र के दौरान विश्व के पहले द्विभाषीय समांतर कोश (थिसॉरस) का प्रदर्शन किया जाएगा और मशीनी अनुवाद की अत्याधुनिक तकनीकों से भी दर्शकों को परिचित कराया जाएगा । इसी सत्र में उन तकनीकों की जानकारी भी दी जाएगी जिनकी मदद से भारतीय भाषाओं में भी कम्प्यूटर एवं इंटरनेट पर उतनी ही आसानी से काम किया जा सकता है, जैसे अंग्रेजी में होता आ रहा है।


उद्‍घाटन सत्र में अपना वक्‍तव्य देते महाराष्ट्र सरकार के मंत्री अनीस अहमद


वेबसाइट का लोकार्पण करते कृपाशंकर सिंह