Saturday, August 28, 2010

लखनऊ में ब्लॉग वर्कशॉप और जीवंत ब्लॉगिंग

मैं हिन्दी ब्लॉगिंग के गुर सिखाने-समझाने के लिए बहुत सी सेमिनारों और कार्यशालाओं में सम्मिलित हो चुका हूँ। लेकिन यह वर्कशॉप कई मामलों में खास है। पहली बात तो यह मेरे गृहप्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित हो रही है और दूसरी यह कि एक तरफ रवि रतलामी जी अपना प्रीजेंटेशन दे रहे हैं और मैं मंच से ही बैठे-बैठे इसकी रिपोर्टिंग कर रहा हूँ। यह बहुत ही खुशी की बात है कि इस माध्यम से मैं खुद भी जीवंत ब्लॉगिंग का माध्यम बन रहा हूँ और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित कर पा रहा हूँ। यह सब इस कार्यक्रम के संयोजक अरविन्द मिश्र और ज़ाकिर अली 'रजनीश' के प्रयासों से हो पाया है, जिन्होंने यहाँ बीएसएनएल का वाई-फाई कनैक्शन उपलब्ध कराया है।

मेरा व्याख्यान और प्रजेंटेशन तो दोपहर के भोजन के बाद है। फिलहान रवि रतलामी जी उपस्थिति प्रशिक्षुओं को बता रहे हैं कि 'वर्डप्रेस पर ब्लॉग कैसे बनाया जा सकता है?"। आप भी देखिए कुछ चित्रों के माध्यम से आँखों देखा हाल-








शैलेश भारतवासी

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5 पाठकों का कहना है :

अविनाश वाचस्पति का कहना है कि -

वास्‍तव में ही मन प्रसन्‍न हो गया और अभी कल ही तो इंटरनेट के संबंध में दैनिक हिन्‍दुस्‍तान में रवि रतलामी जी का लेख पढ़ा है। आपके यह प्रयास स्‍तुत्‍य हैं।

shanno का कहना है कि -

शैलेश जी,

आपका अनुभव पढ़कर मन खुश हो गया..आगे का हाल जानने का भी इंतज़ार है..इस प्रयास के लिये आप सभी को बधाई !

काजल कुमार Kajal Kumar का कहना है कि -

ब्लागिंग से नए लोगों को जोड़ना बहुत महत्वपूर्ण है.

Deepali Sangwan का कहना है कि -

kewl..

डा. अरुणा कपूर. का कहना है कि -

बहुत अच्छी जानकारी आपने उपलब्ध कराई है शैलेश जी!....आयोजन भी व्यवशित और सुंदर ढंग से किया गया है!..ब्लॉगिग द्वारा नए लोग जुड जाएंगे यह बहुत ही प्रशंसनीय प्रयास है!....शैलेशजी, रवि रत्लामीजी, अरविंद मिश्रजी और जाकिर अली 'रजनीश' जी का तहे दिल से धन्यवाद!

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