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Thursday, September 30, 2010

हरियाणा अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2010 का शुभांरम्भ 1 अक्टूबर को



डीएवी गर्ल्‍स कॉलेज, यमुनानगर में 1 अक्‍टूबर से आयोजित तीसरे हरियाणा अंतर्राष्‍ट्रीय फिल्‍म समारोह में भारतीय फिल्‍म जगत की कई बड़ी हस्तियाँ शिरकत करेंगी। समारोह के निदेशक अजित राय ने आज यहाँ एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि इसमें भारत और विदेशों की लगभग 50 फिल्‍में दिखाई जायेंगी। उन्‍होंने कहा कि इस फेस्टिवल का उद्घाटन दादा साहेब फाल्‍के अवार्ड से सम्‍मानित सुप्रसिद्ध फिल्‍मकार अडूर गोपालकृष्‍णन करेंगे। अडूर की मलयालम फिल्‍म शेडो किल के प्रदर्शन से फेस्टिवल की शुरूआत होगी।

यह समारोह 7 अक्‍टूबर तक चलेगा जिसमें फ्रांस, जर्मनी, इटली, ब्रिटेन, अमरीका, पोलैंड, रूस, जापान, चीन, ईरान, स्‍वीडन,‍ फिलीपिन्‍स, हांगकांग, डेनमार्क, हंगरी, नार्वे, अर्जेंटीना, ब्राजील आदि देशों की फिल्‍मों का प्रदर्शन होगा। उन्‍होंने बताया कि इस समारोह में ईरानी सिनेमा का विशेष खंड प्रदर्शित किया जाएगा। इस खंड का शुभारंभ भारत के ईरानी दूतावास में ईरान कल्‍चरल हाऊस के निदेशक अली देहघई करेंगे। 3 अक्‍टूबर को साहित्‍य और सिनेमा खंड का शुभारंभ हंस के संपादक राजेन्‍द्र यादव करेंगे। इस अवसर पर उनके उपन्‍यास सारा आकाश पर इसी नाम से बासु चटर्जी की बनाई फिल्‍म का विशेष प्रदर्शन होगा।

फेस्टिवल की आयोजक डीएवी गर्ल्‍स कॉलेज की प्रिंसीपल सुषमा आर्य ने बताया कि यह खुशी की बात है कि हरियाणा के मुख्‍यमंत्री भूपिन्‍दर सिंह हुड्डा और गवर्नर जगन्‍नाथ पहाड़िया ने समारोह में आने की स्‍वीकृति दी है। इस फेस्टिवल में हरियाणा में सिनेमा के विकास पर एक राष्‍ट्रीय सेमिनार का आयोजन भी किया जा रहा है जिसकी अध्‍यक्षता हरियाणा स्‍टेट चाइल्‍ड वेल्‍फेयर सोसायटी की उपाध्‍यक्ष आशा हुड्डा करेंगी। उन्‍होंने बताया कि हरियाणा के गवर्नर जगन्‍नाथ पहाडिया 6 अक्‍टूबर की शाम 4 बजे सीमा कपूर की राजस्‍थानी फिल्‍म हाट द वीकली बाजार के हरियाणा प्रीमियर पर मुख्‍य अतिथि होंगे।

अजित राय ने बताया कि दादा साहेब फाल्‍के अवार्ड से सम्‍मानित भारत के विश्‍व प्रसिद्ध फिल्‍मकार श्‍याम बेनेगल से दर्शकों की बातचीत का विशेष आयोजन 5 अक्‍टूबर को 2.30 बजे से 5 बजे तक किया जा रहा है। फेस्टिवल में श्‍याम बेनेगल की 2 फिल्‍में समर और सूरज का सातवां घोड़ा दिखाई जा रही हैं। चर्चित युवा फिल्‍मकार अनवर जमाल दर्शकों के सामने श्‍याम बेनेगल से विशेष बातचीत करेंगे। इसी दिन पंजाब में किसानों की आत्‍महत्‍याओं पर अनवर जमाल की फिल्‍म हार्वेस्‍ट ऑफ ग्रीफ का प्रीमियर होगा। उन्‍होंने बताया कि 6 और 7 अक्‍टूबर को भारत के अंतर्राष्‍ट्रीय अभिनेता ओमपुरी फेस्टिवल में मौजूद रहेंगे। फेस्टिवल का अंतिम दिन 7 अक्‍टूबर ओमपुरी की फिल्‍मों को समर्पित किया गया है। ओमपुरी समापन समारोह के मुख्‍य अतिथि भी होंगे। उस दिन उनकी 3 अंतर्राष्‍ट्रीय फिल्‍में – ईस्‍ट इज ईस्‍ट, सिटी ऑफ जॉय और माइ सन इज फाइनेटिक दिखाई जायेंगी।

हरियाणा के मुख्‍यमंत्री भूपिन्‍दर सिंह हुड्डा 4 अक्‍टूबर को दिन में 3 बजे ओमपुरी और यशपाल शर्मा की मुख्‍य भूमिकाओं वाली अश्विनी चौधरी की फिल्‍म धूप का विशेष प्रदर्शन देखेंगे। यह फिल्‍म कारगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों के परिवारों का सघर्ष बयान करती है। इसी दिन अश्विनी चौधरी की राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार से सम्‍मानित हरियाणवी फिल्‍म लाडो भी दिखाई जायेगी। हरियाणा मूल के चर्चित फिल्‍म अभिनेता यशपाल शर्मा की 4 फिल्‍में समारोह के दौरान दिखाई जाएंगी

अजित राय और सुषमा आर्य ने बताया कि फेस्टिवल के दौरान छात्र-छात्राओं के लिए एक फिल्‍म एप्रीसिएशन कोर्स भी चलेगा। इसके संयोजक सुप्रिसिद्ध फिल्‍मकार के. बिक्रम सिंह होंगे। इसमें छात्रों का विश्‍व की महान फिल्‍मों से परिचय कराया जायेगा और फिल्‍म निर्माण से जुड़ी महत्‍वपूर्ण जानकारियों पर चर्चा होगी। इसका उद्घाटन 2 अक्‍टूबर की सुबह राष्‍ट्रीय फिल्‍म अभिलेखागार, पुणे के निदेशक विजय जाधव करेंगे। भारतीय फिल्‍म एवं टेलीविजन संस्‍थान, पुणे के पूर्व निदेशक त्रिपुरारी शरण मुख्‍य अतिथि होंगे। इसी दिन चिल्‍ड्रन फिल्‍म सोसायटी, इं‍डिया के सहयोग से बच्‍चों की फिल्‍मों का उत्‍सव शुरू होगा। इस दौरान द ब्‍लू अम्‍ब्रेला फिल्‍म की बाल कलाकार श्रेया शर्मा दो अक्‍टूबर को कालेज में उपस्थित रहेंगी। नाना पाटेकर अभिनीत फिल्‍म अभय का प्रदर्शन भी समारोह में होगा।

तीसरें हरियाणा अंतर्राष्‍ट्रीय फिल्‍म समारोह के दौरान कम से कम 9 फिल्‍मों का भव्‍य हरियाणा प्रीमियर आयोजित किया जा रहा है। ये वे फिल्‍में हैं जो अभी व्‍यवसायिक रूप से रिलीज नहीं हुई हैं। ये फिल्‍में हैं कालबेला, (गौतम घोष), हाट द वीकली बाजार (सीमा कपूर), जब दिन चले न रात चले (त्रिपुरारी शरण) स्ट्रिंग – बाउंड विद फेथ (संजय झा), टुन्‍नू की टीना (परेश कामदार), सबको इंतजार है (रंजीत बहादुर), हनन (मकरंद देशपांडे), बियोंड बॉर्डर (शर्मिला मैती) और हार्वेस्‍ट आफॅ ग्रीफ (अनवर जमाल)।


--अविनाश वाचस्‍पति Avinash Vachaspati

Friday, December 18, 2009

अविनाश वाचस्पति का व्यंग्य पाठ और मुम्बई के कवियों की काव्यवर्षा


उपहार ग्रहण करते अविनाश वाचस्पति

मुम्बई
हेमंत ऋतु की मध्यम ठण्ड में, नीली आभा लिए पहाड़ी के पास, 05 दिसंबर 2009 की शाम, मुम्बई अणुशक्ति नगर चेम्बूर में सबरस साहित्यिक समूह ने एक काव्य गोष्टी का आयोजन किया| इस गोष्ठी के कुछ दृश्य-

मुख्य अतिथि-
श्री मनोज कुमार व परिवार (लखनऊ से)
श्री चतुर्वेदी (मुम्बई अणुशक्ति नगर में वैज्ञानिक)
श्री अविनाश वाचस्पति (नई दिल्ली से)

आयोजक- सबरस साहित्यिक समूह, मुम्बई अणुशक्ति नगर, चेम्बूर
संचालक- श्री कुमार जैन
व्यवस्थापक- श्री विपुल लखनवी, कवि कुलवंत सिंह (मुम्बई अणुशक्ति नगर में वैज्ञानिक)

कार्यक्रम की शुरूवात-
शाम ढलते-ढलते, 6 बजे कार्यक्रम की शुरूआत माँ शारदा के समक्ष मुख्य अतिथिगणों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुयी| संचालक महोदय ने देवी को माल्यार्पण किया| मुख्य अतिथिगणों का सम्मान, विपुल लखनवी ने उपहार देकर किया| श्रीमती शकुन्तला शर्मा ने अपनी शारदा वन्दना से देवी को नमन कर कविता पाठ की शुरूआत की|

कविता पाठ-
कविता पाठन एक अद्‍भुत गति से बढ़ता चला गया| श्रीमती अलका पाण्डेय ने अपनी नारी विशेष रचना से नारी जाति का गुणगान किया| अवनीश तिवारी ने आर्थिक मंदी पर अपनी दो रचनाओं से काव्य गोष्टी को समसामयिक रूप देने का प्रयास किया| नंदलाल थापर जी ने अपनी पंजाबी रचना को गाकर "मक्के की रोटी और सरसों के साग" की अमिट स्मृतियों को ताजा किया| गजलों की श्रेणी में, स्पर्श देशाई, सुरिंदर रत्ती और संचालक महोदय कुमार जैन ने रचनाएं प्रस्तुत की|

कुलवंत जी ने अपने गहरे अर्थ लिए मुक्तकों से वाह-वाह लुटी| जहां अपने राज को चलाने के लिए एक वर्ग हिन्दी विरोध करता है, वहीं एक ऐसा शख्स था जो अपनी मराठी में लिखी रचना को पढ़कर सांस्कृतिक संयोजन की मिशाल दे रहा था| मराठी रचनाकार दत्रातय शेतवादेकर ने अपनी मराठी रचना कही|
कवयित्रियों की पंक्ति में श्रीमती शैली ओझा और श्रीमती मंजू गुप्ता ने रचना पाठ किया| दिल्ली से आये अविनाश वाचस्पति ने अपना व्यंग लेख पढ़ कर गोष्टी को विविध विधा पूर्ण बना दिया| आयोजन के मुख्य प्रबंधक विपुल लखनवी ने अपने ओजपूर्ण, व्यंगात्मक रचना "खादी" से माहौल में चेतना का संचार करने का सफल प्रयास किया|
गोष्ठी की विशिष्टता संचालक की कुशल संचालन क्षमता से निखर गयी| सटीक, सार्थक और उपयुक्त पद्यात्मक टिप्पणियों से संचालक ने अंत तक गोष्ठी के बहाव की डोर को थाम कर एक सही दिशा दिया|


युवा कवि अवनीश एस॰ तिवारी व अन्य

कार्यक्रम का समापन-
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और मशहूर मंच कवि मनोज कुमार ने अपने शेर, ओजपूर्ण रचनाओं और अनुभवों से गोष्ठी को एक सफल निष्कर्ष प्रदान किया| अंत में लोगों ने रात्रि का भोजन साथ कर, मेल मिलाप से विदाई ली|

प्रस्तुति,
अवनीश एस तिवारी