Thursday, April 9, 2009

देवी नांगरानी के अंग्रेजी कविता-संग्रह 'The Journey' का विमोचन


(पुस्तक के विमचोन अवसर पर नंदकिशोर नौटियाल, खन्ना मुजफ़्फ़पुरी, वासुदेव निर्मल, आलोक भट्टाचार्या)

देवी नागरानी के अंग्रेज़ी काव्य संग्रह The Journey का विमोचन किरणदेवी सराफ ट्रस्ट के सहयोग से समारोह कीर्तन केंद्र सभागृह, विले पार्ले, मुंबई में १७ मार्च, २००९ को संपन्न हुआ। पुस्तक का विमोचन प्रसिद्ध उद्योगपति एवं समाजसेवी श्री महावीर सराफ जी के कर कमलों द्वारा संपन्न हुआ । कार्यक्रम की अध्यक्षता की - 'महाराष्ट्र हिंदी साहित्य अकादमी' के अध्यक्ष श्री नंद किशोर नौटियाल जी ने। विशिष्ट अतिथि के रूप में महानगर के अनेक गणमान्य एवं साहित्य के शीर्षस्थ कवि, पत्रकार पधारे ।

जिनमें प्रमुख अतिथी थे - श्री वासुदेव निर्मल, प्रख़्यात सिंधी शायर। मुख्य अतिथि- कुतुबनुमा की संपादिका डा॰राजम नटराजम पिल्लै, प्रमुख वक्ता- श्री आलोक भट्टाचार्य, फिल्म कथाकार श्री जगमोहन कपूर, अंजुमन संस्था के अध्यक्ष एवं प्रमुख शायर खन्ना मुजफ्फरपुरी, डा॰ संगीता सहजवाणी, अध्यक्ष हिंदी डिपार्टमेंट, आर.डी. कालेज। कार्यक्रम का संचालन किया मंचो के प्रसिद्ध संचालक श्री अनंत श्रीमाली ने कार्यक्रम का प्रारंभ माँ सरस्वती पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन से किया गया। माँ सरस्वती का आव्हान श्री हरिशचंद्र ने वंदना को अपने कण्ठ से अभिनव स्वर प्रदान कर किया।

पुस्तक के विमोचन के उपरांत श्री आलोक भट्टाचार्य ने Sounds of Silence नामक रचना का पाठ करते हुए अपने विचार प्रकट किये। डा॰राजम ने अपने भाव प्रकट करते हुए देवी जी को बधाई दी। श्री जगमोहन कपूर ने अपने विचार लेखन पर प्रस्तुत किये, खन्ना मुजफ्फरपुरी ने इस अवसर के अनुकूल कई दोहों का पाठ किया।

डा॰ संगीता सहजवाणी ने The Journey की कुछ रचनाओं के संदर्भ में विशेष टिप्पणी करते हुए कहा " कि रचनाओं को पढ़ने के पश्चात जाने अनजाने में मन उस सत्य के साथ जुड़। जाने को करता है, पढते पढते सुकून का आलम घेर लेता है" रामप्यारे रघुवंशी, ने अपनी संस्था की ओर से अपनी साथियों सहित देवी नागरानी जी का फूलों से सन्मान किया। मौजूद कवि गण समारोह में मौजूद थे‍ रत्ना झा, रामप्यारे रघुवंशी, शोभा भवानी, गिरिश जोशी, रश्मी गितेश, शिप्रा वर्मा, रमेश श्रीवास्तव ललू, मधु अरोड़ा, उषा गुप्ता, अविनाश दीक्षित, मंजू गुप्ता, विश्वामित्र भेरवानी

उसके पश्चात काव्य गोष्टी शुरू हुई जिसमें अनेकों कावि भागीदार रहे। जिनमें थे कुमार शैलेन्द्र जी, श्रीमती ज्योति गजभिये, खन्ना मुज़फ्फ़रपुरी, डा. वफा सैलेश, शायर उबेद आज़म, संगीता सहजवाणी, कुलवंत सिंह, प्रमिला शर्मा, श्री कपिल कुमार, डा. वफा सैलेश, शायर उबेद आज़म, जनाब माहिर, नंदलाल थापर, और त्रिलोचन सक्सेना,

इस अवसर पर देवी नागरानी की रचनाओं पर टिप्पणी करते हुए अध्यक्ष श्री नौटियाल जी ने बहुभाषी रचनात्मक प्रस्तुतियों के लिये उन्हें विशेष बधाई दी। कार्यक्रम के अंत में देवी नागरानी ने माँ सरस्वती सहित सभी आगंतुकों का हार्दिक दिल से धन्यवाद किया ।

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पाठक का कहना है :

आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल' का कहना है कि -

विमोचन समाचार है या सहस्त्र नामावली? पुटक की अंतर्वस्तु की चर्चा न्यून उपस्थितों की अधिक ...?

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