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Thursday, November 19, 2009

‘खरी-खरी’ कार्टून प्रदर्शनी का 25 वें वर्ष में प्रवेश



दिल्ली। सामाजिक, सांप्रदायिक विसंगतियों एवं सद्भाव के प्रचार-प्रसार हेतु दिल्ली के श्री किशोर श्रीवास्तव द्वारा वर्ष 1985 में तैयार की गई कार्टूनों एवं लघु रचनाओं की पोस्टर प्रदर्शनी ‘खरी-खरी’ ने इस वर्ष नवंबर माह में अपने 25वें वर्ष में प्रवेश कर लिया है। 25वें वर्ष की पहली प्रदर्शनी का आयोजन विगत दिनों गोवा की सामाजिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षिक संस्था राष्ट्रीय शिक्षक विकास परिषद द्वारा अपने 15वें राष्ट्रीय सम्मेलन के अवसर पर गोवा में किया गया।

ज्ञात रहे, इस प्रदर्शनी का पहली बार प्रदर्शन वर्ष 1985 में दूरदर्शन ज्ञानदीप मंडल की झांसी शाखा द्वारा झांसी (उ.प्र.) में किया गया था। तब से लेकर अब-तक समय-समय पर दिल्ली सहित देश के विभिन्न स्थानों पर इसका प्रदर्शन होता रहा है। इस प्रदर्शनी में किशोर द्वारा अपने स्वरचित कार्टूनों एवं लघु रचनाओं के माध्यम से विभिन्न सामाजिक व सांप्रदायिक विसंगतियों के खिलाफ आवाज़ उठाने के साथ ही सामाजिक, सांप्रदायिक प्रेम व सद्भाव के विषयों को भी उठाया गया है। लगभग 100 रंगीन पोस्टरों की इस प्रदर्शनी में सामयिकता को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर कुछ परिवर्तन भी किया जाता रहा है।

Tuesday, November 17, 2009

गोवा में दिल्ली के साहित्यकारों का सम्मान


काव्यपाठ करतीं नमिता राकेश

गोवा।
राष्ट्रीय शिक्षक विकास परिषद और कला एवम् सांस्कृतिक निदेशलाय,गोवा के संयुक्त तत्वाधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन का आयोजन शिरोडा,गोवा में हुआ। इस अवसर पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ, कलाकृतियों एवम् व्यंग चित्रों की प्रदर्शनी लगाई गई और शिक्षकों ओर बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

शाम को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। तीन घन्टे तक चले इस कवि सम्मेलन का चुटीला और कुशल मंच संचालन दिल्ली की नमिता राकेश ने किया जिसके लिए सभी ने ज़ोरदार शब्दों में उनकी प्रशंसा की। मंच से उतरते ही लोगों ने नमिता राकेश को घेर लिया। नमिता के साथ फोटो खिचाने के लिए होड़ लग गई। लोगों के इतने प्यार और सम्मान से नमिता कृत-कृत हो गईं। ये बात इसलिये भी रेखांकित करनी पड़ रही है क्योंकि ये वो यादगार पल थे जो भूलाए नहीं जा सकते। अपनी सीट तक आने में नमिता को एक घन्टा लग गया। लोगों की आँखों में चाहत ओर प्रशंसा देखने के काबिल थी।

अगले दिन सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर पधारे गोवा सरकार में समाज कल्याण मंत्री श्री रामकृष्ण धावलिकर ने देश भर से आए कला प्रेमियों को संबोधित और सम्मानित किया। कामाक्षी महिला भजनी मंडल, शिरोडा के कलाकारों ने स्वागत गीत और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करके श्रोताओं का दिल जीत लिया। सम्मेलन में दिल्ली के अनेक साहित्यकारों/कलाकारों को भी आमंत्रित किया गया था और उन्हें साहित्य/कला के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया। इसमें श्रीमती नमिता राकेश, डा. हरीष अरोड़ा, सुषमा भंडारी,जसवंत सिंह जनमेजय, अशोक कुमार एवं किशोर श्रीवास्तव आदि को क्रमशः राष्ट्रीय साहित्य भूषण, शिक्षक भूषण एवं समाज भूषण सम्मान प्रदान किया गया।


सम्मान प्राप्त करते सर्वश्री किशोर श्रीवास्तव, अशोक कुमार, सुषमा भंडारी डा. हरीश अरोड़ा एवं नमिता राकेश

सम्मान ग्रहण करतीं नमिता राकेश

एक स्मारिका का विमोचन भी किया गया। देश भर से आये साहित्यकारों ने विभिन्न भाषाओं मे कविताएँ व सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये।

इस अवसर पर किशोर श्रीवास्तव की 25 वें वर्ष में चल रही कार्टून एवं लघु रचनाओं की सामाजिक चेतना पोस्टर प्रदर्शनी ‘खरी-खरी’ का प्रदर्शन भी किया गया। समस्त कार्यक्रम का संयोजन शिक्षक विकास परिषद के अध्यक्ष श्री रमेश वी. कुलकर्णी ने किया।


कार्यक्रम एवं किशोर श्रीवास्तव की कार्टून पोस्टर प्रदर्शनी ‘खरी-खरी’ का अवलोकन करते दर्शकगण