
प्रतिभागियों के अभिवादन संदेश संप्रेषित करते सहायक निदेशक शमशेर अहमद खान और अन्य अधिकारीगण
नई दिल्ली, 2-ए, पृथ्वी राज रोड स्थिति कें.हिं.प्र.सं. के अल्पकालिक गहन प्रशिक्षण एकक द्वारा आयोजित 333वीं गहन हिंदी कार्यशाला का समापन 26 जून 2009 को सफलतापूर्वक कें.हिं.प्र.सं. के प्रशासनिक अधिकारी श्री शिवपाल नेगी के सानिध्य में प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण वितरित कर एवं आशीर्वचन देकर सम्पन्न हो गया। यह कार्यशाला 22 जून 2009 से 26 जून 2009 तक आयोजित की गई थी, जिसमें देशभर के केंद्रीय कार्यालयों के 42 प्रतिभागी सम्मिलित हुए थे। इस कार्यशाला में जहां राजभाषा हिंदी की संवैधानिक स्थिति, मानक वर्तनी, पारिभाषिक शब्दावली, पत्राचार के विविध रूप, टिप्पण आलेखन आदि विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ वहीं 'यूनिकोड और उपलब्ध हिन्दी सॉफ्टवेयर' पर भी एक व्याख्यान रखा गया। इस व्याख्यान को शैलेश भारतवासी ने सफलतापूर्वक लिया जिसे प्रतिभागियों ने काफी सराहा।
इस कार्यशाला के समन्वयक वरिष्ठ सहायक निदेशक श्री शमशेर अहमद खान थे। कार्यशाला के अन्य प्रमुख वक्ताओं ने अपने मूल्यांकन रिपोर्ट में वक्ताओं के व्याख्यान शैली की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
मुख्य अतिथि श्री शिवपाल नेगी ने अपने उद्बोधन भाषण में इस कार्यशाला के सफलतापूर्वक संचालन में जहां श्री शमशेर अहमद खान की तारीफ की वहीं दो अन्य वक्ताओं वरिष्ठ सहायक निदेशक श्री एम. एल. शर्मा एवं श्रीमती (डॉ.) शोभा रानी के सकारात्मक सहयोग की ओर भी इंगित किया। उन्होंने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोगों के श्रम की सार्थकता तभी फलीभूत हो सकती है जब आप लोग अपने-अपने कार्यालयों में जाकर जो कुछ यहां सीखा है, हिंदी में कार्य करें।
ध्यातव्य हो कि इस कार्यशाला का उद्घाटन संस्थान के संयुक्त निदेशक श्री एम.एस. दोहरे ने किया था। इस अवसर पर कार्यक्रम के समन्वयक वरिष्ठ सहायक निदेशक श्री शमशेर अहमद खान के साथ ही वरिष्ठ सहायक निदेशक श्री एम. एल. शर्मा एवं श्रीमती (डॉ.) शोभा रानी थीं।

मंचासीन प्रशिक्षक शोभा रानी, शैलेश भारतवासी, शमशेर अहमद खान, एम. एल. शर्मा और प्रतिभागी-1

मंचासीन प्रशिक्षक और प्रतिभागी-2




