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Saturday, June 27, 2009

कें. हिं. प्र. सं. की 333वीं गहन हिंदी कार्यशाला सम्पन्न


प्रतिभागियों के अभिवादन संदेश संप्रेषित करते सहायक निदेशक शमशेर अहमद खान और अन्य अधिकारीगण

नई दिल्ली, 2-ए, पृथ्वी राज रोड स्थिति कें.हिं.प्र.सं. के अल्पकालिक गहन प्रशिक्षण एकक द्वारा आयोजित 333वीं गहन हिंदी कार्यशाला का समापन 26 जून 2009 को सफलतापूर्वक कें.हिं.प्र.सं. के प्रशासनिक अधिकारी श्री शिवपाल नेगी के सानिध्य में प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण वितरित कर एवं आशीर्वचन देकर सम्पन्न हो गया। यह कार्यशाला 22 जून 2009 से 26 जून 2009 तक आयोजित की गई थी, जिसमें देशभर के केंद्रीय कार्यालयों के 42 प्रतिभागी सम्मिलित हुए थे। इस कार्यशाला में जहां राजभाषा हिंदी की संवैधानिक स्थिति, मानक वर्तनी, पारिभाषिक शब्दावली, पत्राचार के विविध रूप, टिप्पण आलेखन आदि विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ वहीं 'यूनिकोड और उपलब्ध हिन्दी सॉफ्टवेयर' पर भी एक व्याख्यान रखा गया। इस व्याख्यान को शैलेश भारतवासी ने सफलतापूर्वक लिया जिसे प्रतिभागियों ने काफी सराहा।
इस कार्यशाला के समन्वयक वरिष्ठ सहायक निदेशक श्री शमशेर अहमद खान थे। कार्यशाला के अन्य प्रमुख वक्ताओं ने अपने मूल्यांकन रिपोर्ट में वक्ताओं के व्याख्यान शैली की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
मुख्य अतिथि श्री शिवपाल नेगी ने अपने उद्बोधन भाषण में इस कार्यशाला के सफलतापूर्वक संचालन में जहां श्री शमशेर अहमद खान की तारीफ की वहीं दो अन्य वक्ताओं वरिष्ठ सहायक निदेशक श्री एम. एल. शर्मा एवं श्रीमती (डॉ.) शोभा रानी के सकारात्मक सहयोग की ओर भी इंगित किया। उन्होंने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोगों के श्रम की सार्थकता तभी फलीभूत हो सकती है जब आप लोग अपने-अपने कार्यालयों में जाकर जो कुछ यहां सीखा है, हिंदी में कार्य करें।
ध्यातव्य हो कि इस कार्यशाला का उद्‍घाटन संस्थान के संयुक्त निदेशक श्री एम.एस. दोहरे ने किया था। इस अवसर पर कार्यक्रम के समन्वयक वरिष्ठ सहायक निदेशक श्री शमशेर अहमद खान के साथ ही वरिष्ठ सहायक निदेशक श्री एम. एल. शर्मा एवं श्रीमती (डॉ.) शोभा रानी थीं।


मंचासीन प्रशिक्षक शोभा रानी, शैलेश भारतवासी, शमशेर अहमद खान, एम. एल. शर्मा और प्रतिभागी-1



मंचासीन प्रशिक्षक और प्रतिभागी-2

Monday, June 22, 2009

सहायक निदेशक (भाषा) का पुनश्चर्या कार्यक्रम सम्पन्न


व्याख्यान देते शैलेश भारतवासी

नई दिल्ली।

केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान के 2-ए, पृथ्वी राज रोड स्थित केन्द्र पर पांच दिवसीय पुनश्चर्या कार्यक्रम का आयोजन दिनांक 15 जून 2009 से 19 जून 2009 तक हुआ, जिसमें देशभर के 16 सहायक निदेशक(भाषा) ने प्रतिभागिता की। राष्ट्रीय प्रशिक्षण नीति के अंतर्गत चलाए गए इस पुनश्चर्या कार्यक्रम में जहां प्रशासनिक, वित्तीय, प्रबंधन, टीम भावना आदि सेवा से जुड़े अनेक विषय रखे गए वहीं हिन्दी भाषा शिक्षण में इंटरनेट की भूमिका पर भी व्याख्यान रखा गया जिसे प्रतिभागियों ने काफी सराहा। 'हिन्दी भाषा शिक्षण में इंटरनेट की भूमिका' विषय पर हिन्द-युग्म के संपादक शैलेश भारतवासी ने व्यखयान दिया। भारतवासी ने विषय के अतिरिक्त पॉवर प्वाइंट प्रस्तुतिकरण के माध्यम से हिन्दी भाषा-साहित्य की इंटरनेट पर स्थिति, सरल यूनिकोड टाइपिंग इत्यादि पर अपने विचार देये और अनुभव बाँटा।

जहां इस कार्यक्रम का उद्‍घाटन कें.हिं. प्र. सं. की निदेशक श्रीमती मोहिनी हिंगोरानी ने किया वहीं समापन अवसर पर असम कैडर के पूर्व आई.ए. एस. श्री जे.पी. सिंह जी मुख्य अतिथि के रूप में पधारे और अपने कर कमलों से प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। उन्होंने अपने आशीर्वचन में भारतीय संस्कृति के उन तत्वों पर प्रकाश डाला जिसमें आधुनिक विज्ञान के बीज पाए जाते हैं।

इस कार्यक्रम का संचालन संस्थान के संयुक्त निदेशक श्री एम. एस. दोहरे ने किया व धन्यवाद ज्ञापन सहायक निदेशक श्री शमशेर अहमद खान ने किया।

इस कार्यक्रम की सफलता में संस्थान की निदेशक श्रीमती मोहिनी हिंगोरानी का कुशल नेतृत्व था।


मुख्य अतिथि श्री जे.पी. सिंह और संस्थान निदेशक मोहिनी हिंगोरानी


अतिथि का सम्मान


वक्तव्य देतीं संस्थान प्रमुख मोहिनी हिंगोरानी


प्रतिभागी प्रशिक्षु


प्रतिभागी प्रशिक्षु

प्रस्तुति- शमशेर अहमद खान