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Friday, December 25, 2009

राष्ट्रीय कवि संगम के द्वितीय राष्ट्रीय अधिवेशन का निमंत्रण

राष्ट्रीय कवि संगम के द्वितीय राष्ट्रीय अधिवेशन 2 जनवरी (प्रात: 10:00 बजे) से 3 जनवरी 2010(सायं 6:00)पर आप सादर आमंत्रित हैं। कार्यक्रम सम्बन्धी सूचनायें इस प्रकार हैं-

1) आयोजन स्थल ‘अध्यात्म साधना केन्द्र’(छत्तरपुर मन्दिर के साथ) महरौली, दिल्ली है।
2) आवास व्यवस्था (केवल कवियों- कवयित्रियों की ही) 3 जनवरी रात्रि तक ही रहेगी। 1 जनवरी रात्रि में उनकी भी व्यवस्था रहेगी, जिनके आगमन की पूर्व सूचना होगी।
3) अपने आने-जाने की सूचना यातायात प्रमुख श्रीकांत श्री को ईमेल/पत्र/मोबाईल पर शीघ्र दें, जिससे आने पर आपको असुविधा न हो। ई-मेल – srikant.kavi@gmail.com, मो॰- 09711061019
4) नई दिल्ली, दिल्ली, निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर सम्पर्क केन्द्र रहेगा। वहां से कार्यक्रम स्थल पर जाने की व्यवस्था रहेगी।
5) आने-जाने का आरक्षण स्वयं करवा लें।
6) कार्यक्रम पर आने वाले कवियों-कवयित्रियों के लिए अपने स्थान से आने-जाने के मार्ग व्यय (Non A.C. Sleeper II रेल/बस), आवास एवं भोजन व्यवस्था राष्ट्रीय कवि संगम द्वारा रहेगी।
7) अपने पंजीकरण के समय अपना परिचय विवरण दो फोटो, अपनी दो कवितायें व अपने आने का टिकट दे दें। (पंजीकरण शुल्क -100/- रु॰)
8) यह दो दिवसीय कार्यक्रम एक कार्यशाला के रुप में होगा, जिसमें वरिष्ठ कवियों द्वारा विभिन्न सत्रों में मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
9) सभी प्रतिभागीयों को अपनी एक संक्षिप्त प्रस्तुति का अवसर भी मिलेगा।
10) इस आयोजन पर कवियों-कवयित्रियों की राष्ट्रीय निर्देशिका प्रकाशित की जा रही है। उसके लिए अपना परिचय एवं फोटो श्री चिराग जैन को ईमेल-advt@kavisangam.com पर अथवा उपरोक्त पते पर डाक द्वारा भेजें।
कार्यक्रम की सफलता हेतु आपके सहयोग का विश्वास मन में संजोए।


आपका अपना-
जगदीश मित्तल

(निमंत्रण-पत्र को बड़ा करके देखने और पूरा विवरण पढ़ने के लिए निम्नलिखित चित्रों पर क्लिक करें)

Monday, November 16, 2009

नई पीढ़ी के कवियों की तीसरी दस्तक

15 नवम्बर 2009, नई दिल्ली

काव्यपाठ करती युवा कवयित्री सुश्री शैलजा सिंह

‘राष्ट्रीय कवि संगम’ के तत्वावधान में होने वाले ’दस्तक नई पीढ़ी की’ के शीर्षक से तृतीय काव्योत्सव का आयोजन रविवार को सम्पन्न हुआ। कविता पाठ के अतिरिक्त ’जगदीश मित्तल काव्य पुरस्कार’ और ’दूसरी दस्तक’ नामक एक काव्य संकलन का भी लोकार्पण किया गया।

दिल्ली के पीतमपुरा स्थित टैक्निया सभागार में रविवार की सुबह काव्यप्रेमियों के उत्सव की बेला थी। नए कवियों को मंच से जोड़ने में संलग्न माननीय श्री जगदीश मित्तल जी के जन्मदिवस पर आयोजित ‘दस्तक नई पीढ़ी की’ प्रतिवर्ष 15 नए कवियों को मंच से रू-ब-रू कराता है। इस वर्ष इस शृंखला में श्री विनय शुक्ल ’विनम्र’, श्री चरणजीत ’चरण’, श्री शैलेन्द्र शर्मा ‘शैल’, श्री महेन्द्र प्रजापति, श्री नीरज मलिक, श्री रमन जैन, श्रीमती राजरानी भल्ला, श्री जतिन्दर ’परवाज़’, श्री सत्येन्द्र सत्यार्थी, श्री अनिल गोयल, श्री अनुराग अगम, सुश्री शैलजा सिंह, श्री मनोज वाजपेई और श्री विनीत पाण्डेय आदि ने कविता पाठ किया। सभी कवियों ने अपनी मंत्रमुग्ध करने वाली कविताओं से श्रोताओं पर ऐसा सम्मोहन किया कि यह कार्यक्रम तय समय से दो घंटे अधिक चला। हास्य, ओज, शृंगार और संवेदना से भरी कविताएँ
श्रोताओं को बांधे रखने में समर्थ रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप-प्रज्जवलन करके किया गया। दीप-प्रज्जवलन का कार्य श्री जगदीश मित्तल, श्री नरेश शांडिल्य, डॉ. नन्द किशोर, श्री श्याम जाजू, श्री यूसुफ भारद्वााज और श्री राजेश जैन ’चेतन’ के कर-कमलों से सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम में ‘दूसरी दस्तक’ का लोकार्पण किया गया। इस पुस्तक में पिछले वर्ष के ‘द्वितीय काव्योत्सव’ में शिरक़त करने वाले पन्द्रह युवा कवियों की रचनाएँ सम्मिलित हैं। पुस्तक का लोकार्पण श्री बलबीर सिंह ‘करुण’, श्री लक्ष्मीशंकर वाजपेयी, श्री राजगोपाल सिंह और श्री यूसुफ़ भारद्वाज ने किया।

युवा कवियों के प्रोत्साहनार्थ प्रारंभ किया गया ‘जगदीश मित्तल काव्य पुरस्कार’ युवा कवि श्री चिराग़ जैन को दिया गया। उन्हें यह पुरस्कार उनकी उत्कृष्ट काव्य साधना तथा सामाजिक विकास के प्रति प्रतिबद्धता के लिए दिया गया। पुरस्कार स्वरूप युवा कवि को ग्यारह हज़ार रुपए की नकद राशि, एक प्रतीक चिन्ह तथा अंगवस्त्र भेंट किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता आकाशवाणी के निदेशक श्री लक्ष्मीशंकर वाजपेयी ने की। युवा कवियों को आशीर्वचन देने के लिए श्री नरेश शांडिल्य, श्री राजगोपाल सिंह और श्री यूसुफ़ भारद्वाज मौजूद थे। इसके अतिरिक्त श्री बलबीर सिंह करुण, श्री धर्मचंद अशेष, श्री सीमाब सुल्तानपुरी और श्री बाग़ी चाचा समेत तमाम कवि कार्यक्रम की गरिमा बढ़ा रहे थे। साहित्य जगत्,उद्योग जगत्, प्रशासन, राजनीति तथा पत्रकारिता जगत् की तमाम हस्तियाँ कार्यक्रम की शोभा बढ़ा रही थीं। विनय शुक्ल ‘विनम्र’ के सरस संचालन को लम्बे समय तक याद रखा जाएगा।


काव्योत्सव का आनंद लेते श्रोतागण


‘दूसरी दस्तक’ का लोकार्पण। बाएँ से श्री राजेश चेतन, श्रीमती ऋतु गोयल, श्री नरेश शांडिल्य, श्री यूसुफ भारद्वाज, श्री हरमिन्द्र पाल, श्री चिराग़ जैन, श्री बलबीर सिंह करुण, श्री लक्ष्मीशंकर वाजपेयी, श्री राजगोपाल सिंह और श्री जगदीश मित्तल


युवा कवि चिराग़ जैन को ‘जगदीश मित्तल काव्य पुरस्कार’ प्रदान करते हुए श्री लक्ष्मीशंकर वाजपेयी। साथ में हैं श्री नरेश शांडिल्य, श्री यूसुफ भारद्वाज, श्री बलबीर सिंह करुण, श्री जगदीश मित्तल।

Thursday, November 12, 2009

युवा कवियों के तीसरे कवि सम्मेलन का निमंत्रण

राष्ट्रीय कवि संगम का आमंत्रण

दस्तक नई पीढ़ी की
(युवा कवियों का कवि सम्मेलन)


तृतीय काव्योत्सव

दिनांक- 15 नवम्बर 2009 रविवार
समय प्रातः10:00 बजे
टेक्निया सभागार, नजदीक मधुबन चौक, रोहिणी, मेट्रो पीलर नं॰ - 378 के सामने


(निमंत्रण-पत्र को बड़ा करके देखने और पूरा विवरण पढ़ने के लिए निम्नलिखित चित्रों पर क्लिक करें)

Wednesday, February 4, 2009

रोहिणी में राष्ट्रीय कवि संगम संपन्न


अतिथिगण सत्यभूषण जैन, राम कैलाश गुप्ता, कर्नल तेजेन्द्र पाल त्यागी, रमेश अग्रवाल, राधेश्याम गोयल,अनिल बंसल

राष्टीय कवि संगम की ओर से दिल्ली (एन .सी .आर) हरियाणा प्रांत सम्मेलन टेक्निया इंस्टीट्यूट के सभागार मधुबन चौक रोहिणी में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में दिल्ली और हरियाणा के एक सौ पचास कवियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के उदघाटन सत्र का विषय था- 'वर्तमान चुनौतियां और कविधर्म'। सत्र के मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार डा. नरेन्द्र कोहली थे जबकि अध्यक्षता प्रसिद्ध अप्रवासी साहित्यकार डा.कृष्ण कुमार ने की । उदघाटन सत्र का संचालन लोकप्रिय कवि राजेश जैन 'चेतन' ने किया। अपने संबोधन में डा. नरेन्द्र कोहली ने कविता और कवि धर्म की मार्मिक व्याख्या की। उन्होंने कहा कि कविता का लोक कल्याणकारी होना परम आवश्यक है। नरेन्द्र कोहली ने कवियों को आगाह करते हुए कहा कि आप की कविता में सामाजिक सरोकार होने चाहिए। यू. के. ब्रिटेन से पधारे साहित्यकार डा. कृष्ण कुमार ने कहा कि कवियों को चुटकलों से दूर रहकर स्तरीय कविता लिखनी चाहिए। कवि संगम के संयोजक जगदीश मित्तल ने युवा कवियों को कुछ कर गुजरने की प्रेरणा देते हुए कहा-'कुछ चलते पगचिन्हों पर कुछ पग चिन्ह बनाते हैं.., पग चिन्ह बनाने वाले ही दुनिया में पूजे जाते हैं…'। और धन्यवाद दिल्ली प्रान्त संयोजक रोशन कंसल ने दिया।


आतंकवाद के विरुद्ध संकल्प बैनर पर हस्ताक्षर करते हुए राज्य कवि उदयभानु हंस

कवि संगम का दूसरा सत्र 'काव्य शिखरों से संवाद' बहुत सराहनीय रहा। काव्य शिखरों के संवाद में वरिष्ठ हास्य कवि प्रताप फौजदार, अलवर राजस्थान से बलवीर सिंह 'करुण', वरिष्ठ गीतकार राजगोपाल सिंह ने शिरकत की। जबकि सत्र की अध्यक्षता हरियाणा के राज्यकवि उदयभानु 'हंस' ने की। काव्य शिखरों से संवाद सत्र में युवा कवि-कवयित्रियों ने उपस्थित वरिष्ठ कवियों से संवाद किया। वरिष्ठ कवियों ने अपनी साहित्यिक यात्रा से बखूबी अवगत कराया। तीसरे सत्र में हुए कवि सम्मेलन की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि कृष्ण मित्र ने की, संचालन प्रो. अशोक बत्रा ने किया। कवि सम्मेलन में विनय शुक्ल 'विनम्र' की पंक्तियों को लोगों ने खूब सराहा-संधान सर सुमन का, रतिराज ने जगाया, उत्सव मनाने उपवन पक्षी समाज आया।
कलियां भी खिल उठी हैं, भौरे भी गुनगुनाएं, ले प्यार का संदेशा रितुराज आज आया ।।

इसके बाद डा. टी.एस.दराल ने कविता सुनायी-
नये साल में खुशी के फव्वारे हों, नये साल में हंसी के गुब्बारे हों।
न सीमा पर विवाद हो और, न मुंबई सा आतंकवाद हो..।।

प्रख्यात सहित्यकार नरेन्द्र कोहली वक्तव्य देते हुए साथ में राजेश चेतन, महेश शर्मा, डा॰ कृष्ण कुमार ब्रिटेन, रोशन कंसल
इसके बाद आये कवि अमर आकाश ने अपनी राष्ट्रवादी कविता सुनायी..
इक दिन भारत फिर से सोने की चिड़िया कहलायेगा।
अपनी खोई गरिमा को फिर से वापस पा जायेगा।।

इसके बाद अली हसन मकरैंडिया ने कई प्रेरक छंदों से सभागार में बैठे सभी लोगों का मन मोह लिया। लोगों की मांग पर प्रताप फौजदार ने अपनी लोकप्रिय कविता –"तिरंगा" सुनायी। फौजदार की तिरंगा कविता पर लोग झूमते नजर आये। अध्यक्षता कर रहे कृष्ण मित्र ने- क्या कहता कवि धर्म तुम्हारा, रचना सुनायी।

कवि सम्मेलन में बलजीतकौर 'तन्हा', शारदा कपूर, सत्येन्द्र 'सत्यार्थी', डा. शिव कुमार गर्ग, आशीष सिन्हा, बबिता अग्रवाल, स्पर्श जैन, राजेन्द्र चंचल, प्रीति विश्वास आदि कवि-कवयित्रियों ने अपनी रचनाएं सुनायी। कवि सम्मेलन के अंत में सम्मान सत्र का आयोजन हुआ। सम्मान सत्र के मुख्य अतिथि वीर चक्र से सम्मानित कर्नल तेजेन्द्र पाल त्यागी और विशिष्ट अतिथि अग्रवाल पैकर्समूवर्स के रमेश अग्रवाल थे। इस सत्र में टेकनिया इंस्टीट्यूट के चेयरमैन राम कैलाश गुप्ता, नारायण सेवा संस्थान के डायरेक्टर सत्य भूषण जैन, राधेश्याम गोयल, अनिल बंसल और मनमोहन गुप्ता को सम्मानित किया गया। राष्टीय कवि संगम के मुख्य संयोजक जगदीश मित्तल ने राष्ट्र नव निर्माण में कवियों को जुटने का आव्हान किया। तथा कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा आतंकवाद के विरुद्ध संकल्प लेने का 50 फ़ुट लम्बा केनवास जिस पर वरिष्ठ साहित्यकार डा॰ नरेन्द्र कोहली, यू.के. से पधारे साहित्यकार डा. कृष्ण कुमार, पद्मश्री रविन्द्र राज हंस सहित सभी कवियों ने अपनी काव्य पंक्तियों से हस्ताक्षर कर संकल्प लिया। उन्होंने कहा कवियों ने हमेशा ही समाज को एक नयी दिशा दी है और आज भी कवि अपनी स्तरीय रचना देकर समाज को लाभान्वित करता है। सम्मान सत्र का संचालन दिल्ली प्रांत के संयोजक रोशन कंसल ने किया। समाजसेवी स्वदेश जैन ने आये हुए अतिथियों का आभार व्यक्त किया, कार्यक्रम की सफ़लता हेतु विशेष रूप से चिराग जैन, शम्भु शिखर, रसिक गुप्ता एवं राजेश पथिक के विशेष सहयोग की सराहना की।

दीप प्रज्ज्वलन करते हुए(बांए से) प्रख्यात साहित्यकार नरेन्द्र कोहली, डा॰ कृष्ण कुमार ब्रिटेन, महेश शर्मा, जगदीश मित्तल, रोशन कंसल