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Monday, November 16, 2009

सिन्धी असोसिएशन ऑफ़ शिकागो द्वारा मनाया गया गुरु नानक देव जी का जन्मदिन



14 नवम्बर, शिकागो के मदीना (Madina) उपनगर के "ॐ शांति मंदिर" में सिन्धी असोसिएशन ऑफ़ शिकागो की तरफ से श्री गुरु नानक देव जी का जन्म दिन धूमधाम से मनाया गया, जिसमें लगभग 300 के करीब लोगों की भागीदारी रही। शाम के 6.00 बजे से रात के 10.00 बजे तक कार्य की समाप्ति हुई।

शुरूआत का पहला चरण गुरुबानी व अन्य भजन कीर्तन से हुआ जिसमें पूरी संगत तन्मय होकर साथ देती रही। 8.00 बजे गुरु दर्शन की रस्म की अदायगी हुई और शंख व फूलों की बरखा हुई। अंत में आनंद साहब का पाठ हुआ और फिर आरती की रस्म पूरी हुई। गुरु ग्रन्थ से वचन लेकर समारोह की समाप्ति की गयी।

अंत में लंगर का आरंभ हुआ और सभी लोग एल दूजे से मिलते मिलाते हुए प्रसाद ग्रहण करते रहे। व्यवस्था असोसिएशन के प्रेजिडेंट श्री हरेश हर्पलानी जी की देख-रेख में की गयी जिसकी बागडोर आज की नव पीढ़ी अपने साथ से बखूबी पूर्ण कर पाई।


पूरी रस्मों के तहद देश से दूर लोग अपने धर्म और संस्कृति के प्रति भारतीय प्रवासी आज भी उतने ही जागरूक हैं जितने की हिंदुस्तान में। इन भारतीय संस्कारों की बुलंदिओं का चराग़ जहाँ भी रौशन होगा वह स्थान, वह धरती हमारे देश की धरती से किसी भी प्रकार भी कम न होगी। जहाँ-जहाँ एक भी हिन्दोस्तानी का दिल धड़केगा, सच में वहीँ वहीँ देश की सौंधी मिट्टी की महक फिजाओं में पाई जायेगी।

प्रेषक-
देवी नागरानी
न्यू जर्सी

Tuesday, November 10, 2009

सर्वधर्म समभाव का संगीतमय कार्यक्रम

पिछले सप्ताह सिन्धी समुदाय ने एक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए साईं झूलेलाल मन्दिर, पश्चिम विहार में सर्वधर्म सम् भाव के रूप में प्रेम और भक्ति से ओत प्रोत एक सांसकृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। कार्यक्रम सुबह 10.00 वजे से आरंभ हो कर दोपहर 2.30 तक चला। विधायक श्री माला राम गंगवाल एवं पार्षद श्रीमती सविता गुप्ता ने भी अपनी गरिमामय उपस्थिति से कार्यक्रम को शोभायमान किया। उन्होंने अपने संबोधन में इस बात की प्रशंसा की कि प्रेम और सद्भावना का प्रसार करने में सिन्धी समुदाय सदैव आगे रहता है।

कार्यक्रम का आरम्भ गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष ग्रंथियों द्वारा प्रस्तुत शबद कीर्तन से हुआ। सभी मौजूद श्रद्धालुओं ने बड़े ही प्रेम और श्रद्धा के साथ इसका आनन्द उठाया, जिसमें न केवल सिन्धी अपितु सभी समुदायों और भाषाओं के लोग शामिल थे। इसके उपरान्त सिन्धी अकादमी के प्रतिनिधि के रूप में आनंदम् के संस्थापक श्री जगदीश रावतानी ने अपने साजिन्दों के साथ वातावरण को संगीतमय़ बना दिया । जगदीश जी ने जहाँ अपनी सुरीली और जानदार आवाज़ से हिन्दी में भजन गाए वहीं पंजाबी में शबद और सिन्धी में कलाम गा कर सभी उपस्थित श्रोताओं में प्रेम और उत्साह का संचार किया। गायन में उनका साथ दिया श्रीमती लीलू झांगियाणी, श्रीमती लीला टेवाणी और श्री तरुण रावतानी ने। वाद्य यंत्रों पर थे, सर्वश्री अशोक बन्धु, पुनीत भाटिया, ईश्वर, तरुण रावतानी और चन्द्रू झांगियाणी। श्रोताओं ने उनके गायन और संगीत की ताल पर थिरकते हुए माहौल को मद मस्त कर दिया।

आनंदम् के ही गगन एवं अन्य साथी कलाकारों ने कृष्ण सुदामा, राम हनुमान और शिव पार्वती इत्यादि विषयों पर आकर्षक नृत्य नाटिकाएँ प्रसतुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम को उत्कर्ष पर पहुँचाते हुए जगदीश जी ने साईं झूलेलाल की अभ्यर्थना में प्रसिद्ध गीत दमा दम मस्त कलंदर गा कर सभी को मस्त कर दिया। मुख्यतः सिंधी का कार्यक्रम होते हुए भी हर भाषाभाषी ने इसका खूब आनंद लिया।

कार्यक्रम के अन्त में श्री जगदीश रावतानी ने सिन्धी अकादमी का विशेष तौर पर आभार प्रकट करते हुए कहा कि अकादमी के सहयोग से इसी तरह के सफल कार्यक्रम हम भविष्य में भी करते रहेंगे। सिंधी पंचायत ने भोजन का प्रबंध उत्तम कोटि का कर रखा था।


अन्य कलाकारों के साथ जगदीश रावतानी


उपस्थित दर्शकगण