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Wednesday, March 24, 2010

मुझे केवल गालियाँ ही ज्यादा दी गयीं- राजेन्द्र यादव



मैंने डेढ़ सौ से अधिक कहानियाँ लिखी लेकिन पिछले पचीस सालों से उनपर कोई बात नहीं की जाती। मेरे ऊपर चार हज़ार से ज्यादा पन्ने लिखे गए लेकिन उनमे मुझे केवल गालियाँ ही ज्यादा दी गयीं। मेरी कहानियों पर कोई बात नहीं हुई। अधिक से अधिक मुझे स्त्री पुरूष संबंधों वाला एकांगी कहानीकार साबित किया गया। आज महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय ने मुझे फिर से कहानी की दुनिया में लौटने का मौका दिया है, जिसके लिए मैं उसका आभारी हूँ। आज मैं अपनी जानी-पहचानी दुनिया में लौट रहा हूँ।
यह बात राजेंद्र यादव ने विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित अनहद कार्यक्रम में कही। उन्होंने इस कार्यक्रम में अपनी चार छोटी कहानियों का पाठ किया। अभिनेत्री पायल नागपाल ने यादव जी की प्रसिद्ध कहानी टूटना के चुने हुए अंशों का पाठ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जानी-मानी गांधीवादी राधा भट्ट ने किया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी राजेंद्र यादव कि रचनाशीलता से जुड़े अनेक सवाल पूछे। कार्यक्रम की शुरूआत में दिवंगत कथाकार मार्कंडेय को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी तथा शोक प्रस्ताव पढ़ा गया। संचालन आनन्द प्रकाश ने किया।

Saturday, December 19, 2009

मीडिया छात्र समाज के भावी चिकित्सकः डा. शाहिद अली



भोपाल । 19 दिसंबर

मीडिया के छात्र समाज की बुराइयों को पहचान कर उनका निदान करने वाले भावी चिकित्सक हैं। ये विचार कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर में जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डा. शाहिद अली ने व्यक्त किए। डा. अली में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के जनसंचार विभाग के छात्र-छात्राओं से एक संवाद में कहा कि जनसंचार के क्षेत्र में काम करने वालों की जिम्मेदारियां बहुत बड़ी हैं। जनसंचारकर्मी वास्तव में समाज की पहचान करता है और उसके आधार पर समस्याओं का निदान करते हैं। उन्होंने कहा कि आनेवाली पीढ़ी ही मीडिया जगत के अंदर आ गई विकृतियों का निदान भी खोजेगी और उसे जनोन्मुखी बनाने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि मीडिया पर पड़े रहे बाजार के प्रभावों से मिल रही चुनौतियों का सामना करने के लिए पत्रकारिता के मूल्यों की ओर लौटने की ओर लौटने की जरूरत है। समाज और राष्ट्र के निर्माण में संचार माध्यमों की जागरूकता जरूरी है। मीडिया का नया परिदृश्य गंभीर और चिंतनशील जनसंचार के शोधार्थियों का है जिसे आगे बढ़ाने की जरूरत है। वर्तमान को कोसने से नहीं उसका सामना करने और नए रास्ते बनाने से ही यह क्षेत्र पुनः एक नई उर्जा को प्राप्त कर सकेगा।

कार्यक्रम के प्रारंभ में जनसंचार विभाग के अध्यक्ष संजय द्विवेदी ने डा.अली का स्वागत किया। आभार प्रदर्शन डा. मोनिका वर्मा ने किया। आयोजन में विभाग के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

रिपोर्ट- संजय द्विवेदी